04 Oct 2026 Patna
Hello
Hello
NATIONAL

एम.वी. कॉलेज में आणविक जीव विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने बताए आधुनिक विज्ञान के नए आयाम

DNA से जेनेटिक इंजीनियरिंग, कैंसर अनुसंधान, वैक्सीन और AI तक हुई विस्तृत चर्चा; प्रो. एन.के. साह, प्रो. आनंद किशोर व प्रो. दीनानाथ पंडित ने साझा किए वैज्ञानिक दृष्टिकोण

Admin 21 Sep 2026, 07:51 AM 230 views
एम.वी. कॉलेज में आणविक जीव विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने बताए आधुनिक विज्ञान के नए आयाम

DB नेशन न्यूज़ : एम.वी. कॉलेज में आणविक जीव विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने बताए आधुनिक विज्ञान के नए आयाम

बक्सर। महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय (एम.वी. कॉलेज), बक्सर के मानस सभागार में जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘मॉलिक्यूलर बायोलॉजी: एन इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच इन लाइफ साइंसेज’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, प्राचार्य एवं अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

Hello

महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. (डॉ.) कृष्णा कांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 21वीं सदी अंतरविषयक शोध और उच्च शिक्षा की है। जीवन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के आपसी समन्वय से मानव स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और रोगों के निदान के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं।

वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नवी रंजन ने आणविक जीव विज्ञान की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसने पादप एवं जंतु विज्ञान के बीच की पारंपरिक सीमाओं को काफी हद तक समाप्त किया है। वहीं संगोष्ठी के संयोजक एवं जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग कुमार ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी को आधुनिक जीवन विज्ञान की रीढ़ बताते हुए इसके जेनेटिक्स, इम्यूनोलॉजी, बायोइनफॉरमैटिक्स और मेडिसिन से संबंधों को रेखांकित किया।

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. (डॉ.) आनंद किशोर ने DNA, RNA, प्रोटीन संश्लेषण और ‘सेंट्रल डोग्मा’ की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन और कैंसर अनुसंधान में इसकी भूमिका पर भी चर्चा की।

Hello

स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग के प्रो. दीनानाथ पंडित ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी को विज्ञान की विभिन्न शाखाओं को जोड़ने वाला महासेतु बताया। उन्होंने रेप्लिकेशन, ट्रांसक्रिप्शन, ट्रांसलेशन और जीन रेगुलेशन को इसके प्रमुख आधार स्तंभ बताते हुए हाचिमोजी DNA, एस्ट्रोबायोलॉजी, AI, जीनोमिक्स, वैक्सीन और eDNA जैसे विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विज्ञान और तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों एवं नैतिकता के महत्व पर भी जोर दिया।

मुख्य अतिथि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) एन.के. साह ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, जेनेटिक इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी के विकास की यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने DNA डबल हेलिक्स मॉडल, जेनेटिक इंजीनियरिंग, हरित क्रांति, BT-कॉटन, Sub1 जीन, गोल्डन राइस तथा एपोप्टोसिस जैसे विषयों को विद्यार्थियों के समक्ष सरल तरीके से रखा। उन्होंने ‘सा विद्या या विमुक्तये’ का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नवी रंजन द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन भी मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। प्राचार्य ने इसे महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए डॉ. रंजन को बधाई दी।

कार्यक्रम का संचालन स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. नवीन शंकर पाठक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार चौधरी ने किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सामूहिक राष्ट्रगान एवं अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।एम.वी. कॉलेज में आणविक जीव विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने बताए आधुनिक विज्ञान के नए आयाम

बक्सर। महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय (एम.वी. कॉलेज), बक्सर के मानस सभागार में जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘मॉलिक्यूलर बायोलॉजी: एन इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच इन लाइफ साइंसेज’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, प्राचार्य एवं अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. (डॉ.) कृष्णा कांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 21वीं सदी अंतरविषयक शोध और उच्च शिक्षा की है। जीवन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के आपसी समन्वय से मानव स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और रोगों के निदान के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं।

वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नवी रंजन ने आणविक जीव विज्ञान की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसने पादप एवं जंतु विज्ञान के बीच की पारंपरिक सीमाओं को काफी हद तक समाप्त किया है। वहीं संगोष्ठी के संयोजक एवं जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग कुमार ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी को आधुनिक जीवन विज्ञान की रीढ़ बताते हुए इसके जेनेटिक्स, इम्यूनोलॉजी, बायोइनफॉरमैटिक्स और मेडिसिन से संबंधों को रेखांकित किया।

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. (डॉ.) आनंद किशोर ने DNA, RNA, प्रोटीन संश्लेषण और ‘सेंट्रल डोग्मा’ की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन और कैंसर अनुसंधान में इसकी भूमिका पर भी चर्चा की।

स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग के प्रो. दीनानाथ पंडित ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी को विज्ञान की विभिन्न शाखाओं को जोड़ने वाला महासेतु बताया। उन्होंने रेप्लिकेशन, ट्रांसक्रिप्शन, ट्रांसलेशन और जीन रेगुलेशन को इसके प्रमुख आधार स्तंभ बताते हुए हाचिमोजी DNA, एस्ट्रोबायोलॉजी, AI, जीनोमिक्स, वैक्सीन और eDNA जैसे विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विज्ञान और तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों एवं नैतिकता के महत्व पर भी जोर दिया।

मुख्य अतिथि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) एन.के. साह ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, जेनेटिक इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी के विकास की यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने DNA डबल हेलिक्स मॉडल, जेनेटिक इंजीनियरिंग, हरित क्रांति, BT-कॉटन, Sub1 जीन, गोल्डन राइस तथा एपोप्टोसिस जैसे विषयों को विद्यार्थियों के समक्ष सरल तरीके से रखा। उन्होंने ‘सा विद्या या विमुक्तये’ का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नवी रंजन द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन भी मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। प्राचार्य ने इसे महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए डॉ. रंजन को बधाई दी।

कार्यक्रम का संचालन स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. नवीन शंकर पाठक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार चौधरी ने किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सामूहिक राष्ट्रगान एवं अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Share:

Follow Us Live

Facebook

Instagram

YouTube