बक्सर, 17 सितंबर। बक्सर के पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग (L.C. No. 70-B) को आम लोगों के लिए दोबारा खोलने और नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज की सुरक्षा व मरम्मत को लेकर सरोज कुमार राजभर की ओर से दायर याचिका पर पटना हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
सरोज राजभर ने अनुच्छेद 226 के तहत C.W.J.C. No. 13634 of 2026 दायर कर रेलवे क्रॉसिंग को आम जनता के लिए खोलने, ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त एवं धंसे हुए पिलर की समयबद्ध मरम्मत तथा ओवरब्रिज की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की थी।
15 सितंबर 2026 को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव एवं न्यायमूर्ति सुधीर सिंह की खंडपीठ ने दर्ज किया कि याचिका में मांगी गई राहत के एक हिस्से के संबंध में स्थिति बदल चुकी है और बक्सर पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग आम जनता के लिए खोल दी गई है।
हालांकि, ओवरब्रिज की सुरक्षा और मरम्मत से जुड़े मुद्दे अभी न्यायालय के समक्ष लंबित हैं। न्यायालय ने प्रतिवादी संख्या 1 से 7 को चार सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में री-जॉइंडर दाखिल करने का अवसर मिलेगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।
सरोज राजभर ने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग का खुलना बक्सर के लोगों के लिए राहत की बात है, लेकिन ओवरब्रिज की तकनीकी सुरक्षा, धंसे हुए पिलर की मरम्मत और इससे जुड़े अन्य प्रश्नों का समाधान होना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बक्सर के लोगों के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए है।






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